आज का विचार
हीनता का भाव भी अहंकार पैदा करता है ।
दूसरे के सम्मान में अपना अपमान मानना भी अहंकार है ।
मुनिश्री क्षमासागर जी
दूसरे के सम्मान में अपना अपमान मानना भी अहंकार है ।
मुनिश्री क्षमासागर जी
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